नई दिल्ली। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने नंबर पोर्टेबिलिटी सेवा को मंजूरी दे दी हैं। यानी यदि आप अपने मोबाइल सेवा प्रदाता को बदलना चाहते लेकिन नंबर वही रखना चाहते हैं तो ऎसा करना अब संभव होगा। ट्राई के निर्देशों के अनुसार अब एक नंबर को ही दूसरे सर्विस प्रोवाइडर को स्वीकार करना होगा। इसके लिए उपभोक्ता को 19 रू. शुल्क देना होगा। ग्राहकों को यह सुविधा 31 दिसंबर 09 से मिलने लगेगी। सरकार ने मेट्रो शहरों में ऑपरेटरों को नंबर पोर्टेबिलिटी नेटवर्क को तैयार करने के लिए 31 दिसंबर 2009 की समय सीमा तय की है। अन्य शहरों में मार्च 2010 से सुविधा मिलेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार एक बार मोबाइल कंपनी बदलने के 90 दिन बाद ही ग्राहक फिर से कंपनी बदल सकेगा। कंपनी बदलने के लिए उसे 19 रूपए नई मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी को शुल्क देना होगा। नई कंपनी इसके एवज में ग्राहक की पुरानी कंपनी से 19 रूपए का प्रोसेसिंग शुल्क लेगी। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उपभोक्ता पर इस 19 रूपए का प्रोसेसिंग शुल्क लेगी। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उपभोक्ता पर इस 19 रूपए का भार पडे़गा या नही। यदि ऎसा हुआ तो 38 रूपए में नया सर्विस प्रोवाइडर मोबाइल ग्राहकों को उपलब्ध होगा। ट्राई ने कहा है कि ऑपरेटर चाहे तो 19 रूपए से अधिक नहीं लेकिन उससे कम शुल्क ले सकता है। अपने ग्राहक बनाए रखने के लिए अब मोबाइल कंपनियों में प्रतिस्पर्धा और बढेगी। अच्छी सेवाएं तो मिलेगी ही आकर्षक प्लान भी आएंगे। भारती एयरटेल शुक्रवार को नए बिल प्लान की घोषणा की। इसके अनुसार मोबाइल फोन के रोमिंग चार्जेज में लगभग 60 फीसदी की कटौती कर दी है।