नई दिल्ली। भाजपा का नया अध्यक्ष अरूण जेटली, सुषमा स्वराज, अनंत कुमार या वेकैया नायडू जैसे दूसरी पीढी के नेताओं की चौकडी में से नहीं होगा। वह दिल्ली से बाहर का होगा और उसके चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह रहस्योद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवन के सरसंघचालक मोहन भागवत ने एक हिन्दी पत्रिका से साक्षात्कार में किया है। पार्टी के वर्तमान अध्यक्ष राजनाथ सिंह का कार्यकाल इस वर्ष 31 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। नए अध्यक्ष के रूप में कई नामों की चर्चा है। संघ प्रमुख ने इस बारे में स्पष्ट संकेत देते हुए कहा जी हां नेतृत्व इन चारों (जेटली, सुषमा, अनंत और नायडू) से अन्यथा होगा। मुझे ऎसा बताया गया है। इसी बारे में सहमति बनी है और मुझे विश्वास है कि प्रक्रिया बनी है और मुझे विश्वास है कि प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि पार्टी में नेत्त्व परिर्वनत में समय लगेगा। उन्होंने कहा मै केवल वही बता रहा हूं, जो मुझे बताया गया है। उनके दिमाग में एक योजना है और उस पर आगे बढा जा रहा है। भाजपा के नेतृत्व परिर्वतन मामले मे संघ के हस्तक्षेप नहीं करता है वहह मांगे जाने पर केवल सुझाव देता है।
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