लखनऊ। योग गुरू बाबा रामदेव ने अपने तर्को से मुस्लिम धर्मगुरूओं को योग पर नरम रूख अपनाने के लिए मना तो लिया, लेकिन वंदेमातरम के खिलाफ देवबंद के फतवे पर उनकी खामोशी ने अयोध्या के मंहतों को नाराज कर दिया है। अखिल भारतीय अख़ाडा परिषद ने जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के सम्मेलन में मौजूदगी के लिए बाबा रामदेव व केन्द्रीय गृहमंत्री से माफी मांगने को कहा है। सम्मेलन में बाबा का तर्को को सुनने के बाद देवबंद के दारूल उलूम वक्फ के फतवा विभाग ने कहा है कि डॉक्टर की सलाह पर शरीयत के दायरे में रहते हुए योग करना सेहत के लिए अच्छा है। लेकिन अखिल भारतीय अख़ाडा परिषद के अध्यक्ष महंत ज्ञानदास का कहना है कि बाबा रामदेव ने वंदेमातरम का विरोध करने वाले लोगों के मंच पर जाकर अच्छा नहीं किया। इससे भी बडी गलती वंदेमातरम का विरोध करने वालों के प्रति उनकी चुप्पी रही। अख़ाडा परिषद 10 नवंबर को हरिद्वारा में होने वाली बैठक में इस मसले पर विचार करेगी।