ढाका। बांग्लादेश के मंत्रिमंडल ने 1965 में हुए भारत-पाक युद्ध के समय जब्त की गई हिन्दुओं की संपत्ति को लौटाने के लिहाज से एक प्रस्तावित कानून को मंजूरी दे दी, ताकि देश में अल्पसंख्यकों के अधिकारों के उल्लंघन का अंत हो।
प्रधानमंत्री के डिप्टी सेके्रटरी के अनुसार शेख हसीना की अगुई में वेस्टेड प्रॉपर्टी रिटर्न (अमेंडमेंट) एक्ट 2009 को मंजूरी दे दी गयी। अब इसे लागू करने के लिहाज से सांसद में प्रस्ताव पेश किया जाएगा। पाकिस्तान में शामिल रहने के दौरान इस कानून को शत्रु संपत्ति अधिनियम कहा जाता था। प्रस्तावित कानून का आशय पाकिस्तान काल के विवादित कानून में सुधार करना है।
तत्कालीन पाकिस्तानी शासन ने उन हिंदू परिवारों की संपत्ति जब्त करने का कानून लागू किया था, जो 1965 में भारत-पाक युद्ध के समय देश छो़ड गए। बांग्लादेश सरकार ने बाद में इस कानून का नाम बदला। दो महीने पहले इस कानून में कैबिनेट के दिशानिर्देशों के अनुसार ये सुधार किये गये, इसके बाद कैबिनेट ने कानून को अंतिम मंजूरी दी। सूत्रों के अनुसार संशोधित प्रस्ताव के तहत सरकार एक निश्चित समयावधि में योग्य और नहीं लौटाने योग्य संपत्ति की सूची प्रकाशित करेगी, वहीं दावा करने वाले लोग लौटाये जाने वाली संपत्ति के बारे में भी समीक्षा की मांग कर सकते है।
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