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पितृपक्ष की नवमी तिथि को महिलाये कर सकती है श्राद्ध

women can memorial on the ninth Paternally - News in Hindi

मिर्जापुर। सनातन संस्कृति में नारी वर्ग को विशेष स्थान दिया गया है। आश्विन मास का कृष्ण पक्ष पितृ.पक्ष के रूप में स्थापित है। इसे पितृ.रात्रि भी कहते हैं जबकि शुक्ल पक्ष में नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस संबंध में पंडित शशि मालवीय एवं साहित्यकार सलिल पाण्डेय ने कहा कि इन दोनों पक्षों की रात्रि का गूढ़ अर्थ यह है कि इन अवसरों पर श्रद्धा से अपनी परंपराओं के अनुसार जीवन व्यतीत करने से रात का अँधेरे को भी दिन के उजाले की तरह प्रकाशमान किया जा सकता है। जीवन के अदृश्य पहलुओं से परिचित हुआ जा सकता है।
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women can memorial on the ninth Paternally


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