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करिअर की उडान: 4 साल में 46 सुसाइड

suicide attempt incresed in kota rajasthan - News in Hindi

उनकी लाशों पर हमने महल बना लिया ।हमें तो बस जेबें भारी करने से जूनून है।।
कोटा। ये पंक्तियां कोटा शहर के कोचिंग सेंटर्स के लिए बिल्कुल सही साबित होती हैं। जहां देशभर के बच्चे अपना भविष्य बनाने जाते हैं, लेकिन मौत को गले लगा लेते हैं। फिर भी यहां के कोचिंग सेंटर्स अपने धंधे में दिन दूनी रात चौगुनी कर रहे हैं। यहां सवाल ये उठता है कि कोटा के कोचिंग में एडमिशन लेने के बाद आखिर ऐसा क्या माहौल बनाया जाता है कि इनके छात्र और छात्राएं खुदकुशी करने को मजबूर हो जाते हैं। पुलिस रिपोर्ट्स के मुताबिक ज्यादातर बच्चों ने खुदकुशी पढ़ाई में तनाव की वजह से की है। लेकिन केवल कोटा में ही विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स खुदकुशी क्यों करते हैं। मेडिकल, इंजीनियरिंग वगैरह की तो पूरे देश के बच्चे विभिन्न शहरों के कोचिंग में तैयारियां करते हैं। लेकिन केवल कोटा में ही ऐसा माहौल क्यों है इसकी वजह शायद ही मालूम हो।
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suicide attempt incresed in kota rajasthan


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