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रेपिड मेट्रो की रजिस्ट्रेशन फीस चोरी की जांच शुरू

investigation is on about rapid metro registration fees - News in Hindi

गुडग़ांव। निर्माण कार्यों में अनियमितताओं को लेकर चर्चा में रही रेपिड मेट्रो के खिलाफ राजस्व चोरी की जांच शुरू कर दी गई है। जांच राजस्व अधिकारी को सौंपी गई है। विभाग की ओर से करीब 90 करोड़ रुपये के राजस्व चोरी मामले में रेपिड मेट्रो प्रबंधन को अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। आरोप है कि रेपिड मेट्रो प्रबंधन ने पूरे मामले में प्रदेश सरकार को भी अंधेरे में रखा। रजिस्ट्रेशन फीस चोरी मामले की जांच डीआरओ (जिला राजस्व अधिकारी) को सौंपी गई है। मु यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पूरे मामले की जांच निष्पक्षता से करने के आदेश दिए हैं। जांच रेपिड मेट्रो के दोनों फेज में हुए फर्जीवाड़े को लेकर जाएगी। पहले फेज में रेपिड मेट्रो ने इसे 1100 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बताया था लेकिन इसके निर्माण पर करीब साढ़े 1200 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसी तरह दूसरे फेज में इसे 2 हजार करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बताया गया। दूसरे फेज का निर्माण अभी चल रहा है। आरोप है कि रेपिड मेट्रो का निर्माण करने वाली कंपनी ने आरएमआरजीएल हरियाणा सरकार के साथ इसके संचालन के लिए एमओयू तो साइन कर लिया लेकिन सरकार को अंधेरे में रखते हुए एमओयू को कानून के मुताबिक रजिस्टर्ड नहीं करवाया। क्योंकि इसके बदले में तय नियमानुसार 6 से 9 प्रतिशत के बीच फीस अदा करनी पड़ती। गैर पंजीकृत एमओयू को सामान्य कागज के तौर पर लिया जाता है, यानि उसकी कोई कानूनी अहमियत नहीं होती।

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Web Title:investigation is on about rapid metro registration fees
(News in Hindi खास खबर पर)
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