1 of 1

हाईकोर्ट ने कहा- जलाशयों में मूर्ति विसर्जन अपराध

High Court said idol immersion in ponds is a crime - News in Hindi

जोधपुर। जलाशयों में मूर्ति विसर्जन पर राजस्थान हाई कोर्ट में दायर पीआईएल पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने निर्देश दिए हैं। सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि प्रदूषण मंडल के कानून में यह अपराध है और आईपीसी में भी यह अपराध की श्रेणी में आता है। इसी मामले में अब सरकार व नगर निगम की ओर से प्रगति रिपोर्ट पेश की गई। राज्य सरकार की ओर से पेश हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता श्यामसुंदर लदरेचा व विकास चौधरी ने पक्ष रखते हुए और समय मांगा। इस पर हाईकोर्ट ने सुनवाई तीन सप्ताह तक मुल्तवी कर दी। गौरतलब है कि पूर्व में याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सुशील सोलंकी ने पैरवी करते हुए बताया कि प्लास्टर ऑफ पेरिस, हानिकारक रंगों व पेपरलेस प्रतिमाएं बनाकर बाद में उनका विसर्जन किया जाता है। जिससे पानी प्रदूषित हो रहा है। इस पर हाईकोर्ट ने पदमसर व कायलाना झील में मूर्ति विसर्जन पर रोक लगाते हुए सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट ने झीलों के पास साबुन व डिटर्जेंट का उपयोग करने पर भी पाबंदी लगा दी थी। याचिका में कहा गया है कि हर साल करीब एक हजार मूर्तियों का विसर्जन किया जाता है, जिससे पानी प्रदूषित हो रहा है।


बाबा बनकर दरिंदा लूटता रहा बेटियों की आबरू , महीनों बाद खुला राज

यह भी पढ़े

खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
Web Title:High Court said idol immersion in ponds is a crime
(News in Hindi खास खबर पर)
Advertisement
Khaskhabar Rajasthan Facebook Page:
Advertisement
स्थानीय ख़बरें
Advertisement
Advertisement

राजस्थान से

Advertisement

प्रमुख खबरे

आपका राज्य
Advertisement

राष्ट्रीय खबर

Traffic

जीवन मंत्र

Daily Horoscope