• Aapki Saheli
  • Astro Sathi
  • Business Khaskhabar
  • ifairer
  • iautoindia
  • Results
Advertisement
Advertisement
1 of 3

वोडाफोन-आइडिया विलय 2 साल में, कमान केएम बिड़ला को,होगी छंटनी!

नई दिल्ली। दुनिया की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनियों में से एक वोडाफोन ने सोमवार को स्वदेशी कंपनी आदित्य बिड़ला ग्रुप के आइडिया सेल्युलर के साथ अपने विलय का आधिकारिक ऐलान कर दिया। इसी के साथ यह देश का सबसे बड़ा टेलिकॉम ऑपरेटर बन गया। दरअसल, मुकेश अंबानी के जियो 4जी के तहत मुफ्त पेशकश और फिर एग्रेसिव टैरिफ प्लान के चलते टेलिकॉम क्षेत्र में पैदा हुई जबरदस्त प्रतिस्पर्धा के बीच यह मर्जर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब देखना यह है कि यह नई कंपनी इस प्रतिस्पर्धा में रिलायंस के जियो को किस हद तक टक्कर दे पाती है।

केएम बिड़ला होंगे नई कंपनी के चेयरमैन

इन दोनों के विलय के बाद इसके चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़वा होंगे, जो आदित्य बिड़ला ग्रुप के प्रमुख हैं। जबकि कंबनी कासीएफओ वोडाफोन की तरफ से रखा जाएगा। इसके अलावा सीईओ की नियुक्ति दोनों कंपनियां मिलकर करेंगे। वोडाफोन के सीईओ विटोरियो ने कहा कि दोनों कंपनियां मजबूत हैं इसलिए विलय के बाद भी अलग-अलग बांड से चलती रहेंगी। यानी ये दोनों मिलकर कोई नई कंपनी नहीं बनवाएंगे, बल्कि वोडाफोन और आइडिया के नाम से ही चलेंगे।

हालांकि इस आधिकारिक ऐलान के बाद भी दोनों कंपनियां एक नहीं हुई हैं, क्योंकि अभी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। आइडिया के बोर्ड से इस डील को हरी झंडी मिल गई है, लेकिन अभी कई अप्रूवल मिलने बाकी हैं। इनमें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, मार्केट रेग्यूलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड और फोरेन इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड शामिल हैं। 2018 तक प्रक्रिया पूरी होगी, जिसके बाद ये दोनों कंपनियां एक हो जाएंगी।

क्या नंबर-1 बन जाएगी यह कंपनी?

विलय के बाद भारत में इस कंपनी के 400 मिलियन कस्टमर्स होंगे और मार्केट शेयर 35 फीसदी का होगा, यानी एयरटेल फिलहाल नंबर-1 टेलिकॉम कंपनी है, लेकिन विलय के बाद एयरटेल दूसरे नंबर पर चली जाएगी। इस कंपनी के पास सबसे ज्यादा मोबाइल यूदर्स तो होंगे ही, साथ ही रेवेन्यू के मामले में भी भारती एयरटेल और जियो को मात देते हुए नंबर-1 बन जाएंगे। दोनों कंपनियों का सालाना रेवेन्यू 80 हजार करोड़ रुपये होगा, यानी रेवेन्यू के मामले में इस कंपनी का मार्केट शेयर 41 फीसदी होगा जबकि यूजर्स के मामले में इसके शेयर 35 फीसदी होगा। उम्मीद करनी चाहिए कि मुनाफे की तलाश में नई कंपनी छंटनी की घोषणा कर सकती है।

क्या एयरटेल और जियो को होगा नुकसान?

रिलायंस जियो भारत में तेजी से पांव पसार रहा है, इसलिए दूसरी कंपनियों पर दबाव बढऩा लाजिमी है। इस विलय से एयरटेल और जियो को खास नुकसान नहीं होगा, क्योंकि एयरटेल मे पहले ही टेलिनॉर को खरीद लिया है और कंपनी अपने 4जी नेटवर्क को बेहतर करने के लिए तिकोना डिजिटल नेटवर्क से स्पेक्ट्रम खरीद रही है। इस डील की वैल्यू 1500 से 1700 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। रिलायंस जिय न सिर्फ मोबाइल सर्विस से बल्कि दूसरी सर्विसों से भी अपने कस्टमर्स को रोकने की कोशिश करेगा।

अपने राज्य - शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

यह भी पढ़े

Web Title-Idea cellular and Vodafone announce to merge, to create Indias largest telecom operator
खास खबर Hindi News के अपडेट पाने के लिए फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करे!
(News in Hindi खास खबर पर)
Advertisement
Khaskhabar.com Facebook Page:

प्रमुख खबरे

आपका राज्य
Advertisement

Traffic

Advertisement

जीवन मंत्र

Daily Horoscope

Advertisement
Copyright © 2017 Khaskhabar.com Group, All Rights Reserved