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6 साल के अभिषेक का सहारा बना राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम

National Child Health Program become 6 year old Abhishek support - Jaipur News in Hindi

जयपुर। जन्मजात मुड़े हुए/टेढ़े-मेढ़े पांवों की समस्या से पीड़ित बालक 6 वर्षीय अभिषेक के जीवन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम जैसे खुशियों की नई बयार लेकर आया है। बालक अभिषेक जन्म से ही मुड़े हुए और टेढ़े-मेढ़े पैरों की पीड़ा झेल रहा था। पिता मुकेश शर्मा मजदूरी कर जैसे-तैसे परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे।परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर थी, ऐसे में पिता मुकेश इलाज में आने वाले खर्च की बात सोचकर ही मायूस हो जाया करते।

बालक अभिषेक जैसे-जैसे बड़ा होता जा रहा था, पिता मुकेश उसी अनुपात में लाचारी का बोझ अपने ह्रदय पर महसूस कर रहे थे। पिता ने कंवरपुरा गाँव के सरकारी विद्यालय में उसका दाखिला करवा दिया।समय बीतने के साथ ही बालक अभिषेक पहली कक्षा उत्तीर्ण कर दूसरी कक्षा में पहुँच गया, लेकिन पिता मुकेश को अपने बच्चे को तकलीफ से जूझते देख आँखे भर आतीं। ईलाज नहीं करवा पाने की हताशा उन्हें खाए जा रही थी.

इसी बीच एक दिन राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम बच्चों के स्वास्थ्य परिक्षण के लिए बालक अभिषेक के विद्यालय पहुंची।यहाँ स्वास्थ्य परिक्षण के दौरान टीम को बालक अभिषेक की समस्या के बारे में पता लगा।टीम ने तुरंत उसका रैफर कार्ड बनाया और मानसरोवर स्थित सेंटर फॉर हैल्थ एंड केयर अस्पताल रैफर कर दिया।

पिता मुकेश को बताया गया कि उनके पुत्र का इलाज अब राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत निःशुल्क किया जाएगा।ये सुनकर ही उनके भीतर की तमाम हताशा पल भर में आशा के नवीन उजास में तब्दील हो गई, उन्हें लगा जैसे ह्रदय से वर्षों पुराना बोझ उतर गया हो।गत 02 फरवरी को बालक अभिषेक को अस्पताल में भर्ती कर ऑपरेशन किया गया।ऑपरेशन सफल रहा और बालक अभिषेक को जन्मजात तकलीफ से निजात मिली। पिता मुकेश राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम को खूब दुआएं दे रहे हैं, जिसकी बदौलत उनका पुत्र अभिषेक अब आत्मविश्वासपूर्वक अपने पैरों पर खड़ा हो सकेगा।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.नरोत्तम शर्मा ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के महत्वपूर्ण कार्यक्रम राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 0 से 18 वर्ष की उम्र तक के बच्चों का उपचार किया जाता है।

आरबीएसके की मोबाइल हैल्थ टीम विभिन्न आंगनबाड़ी केन्द्रों और शिक्षण संस्थानों पर जाकर लगभग 38 बीमारियों से ग्रस्त बच्चों के उपचार में मदद करती है।मोबाईल हैल्थ टीम बच्चों की जांच कर उस अनुरूप की जाने वाली चिकित्सा हेतु बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र , जिला अस्पताल या फिर मेडिकल कोलेज रेफर करती है।वहां इन बच्चों का निशुल्क उपचार किया जाता है।बच्चों में जन्मजात हृदय रोग के अलावा कार्यक्रम में कटे होंठ व तालू, मुड़े हुए पैर, कान बहने और मोतियाबिंद का इलाज किया जाता है।इसके अलावा कमजोर नेत्र दृष्टि वाले बच्चों के चश्मे भी बनाए जाते हैं।

आरसीएचओ डॉ।रघुराज सिंह ने बताया कि विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे बच्चों को आरबीएसके कार्यक्रम न केवल उनका सामान्य बचपन उन्हें वापस लौटा रहा है बल्कि उनके भविष्य के लिए संजोये गए सपनों में उम्मीद के नए रंग भी भर रहा है।चिकित्सा विभाग के राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम के शानदार प्रयासों की बदौलत आज गंभीर बीमारियों से ग्रसित बच्चे भी दूसरे बच्चों की तरह स्वस्थ और सामान्य जीवन जी रहे हैं।


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Web Title-National Child Health Program become 6 year old Abhishek support
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