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कांग्रेस की बैठक में नदारद रहे अहम मुद्दे

published: 02-11-2010

नई दिल्ली। अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी (एआईसीसी) की मंगलवार को हुई विशेष बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई लेकिन आदर्श हाउसिंग सोसायटी घोटाले और राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में भ्रष्टाचार जैसे अहम मुद्दे नदारद रहे। एआईसीसी की इस बैठक को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राहुल गांधी और अन्य कांग्रेसी नेताओं ने संबोधित किया। बैठक में पार्टी के करीब 1,200 प्रतिनिधि शामिल हुए थे। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कश्मीर के लोगों से शांति में सहयोग देने की अपील करते हुए वार्ताकारों की नियुक्ति का समर्थन किया। इसके साथ ही उन्होंने अयोध्या मसले का जिक्र करते हुए कहा कि बाबरी विध्वंस के दोषियों को कभी माफ नहीं किया जा सकता। नई दिल्ली में चल रहे कांग्रेस के एकदिवसीय महाधिवेशन में सोनिया ने कहा कि राजनीतिक बातचीत के जरिए कश्मीर के हालातों में सुधार हो सकता है। वे एक बार शांति कायम करके देखें। सोनिया ने कहा, ""हमें राज्य के विकास को प्राथमिकता देनी चाहिए। इसके साथ ही समाज के सभी वर्गो और राज्य के सभी क्षेत्रों के साथ अर्थपूर्ण राजनीतिक चर्चा होनी चाहिए। इसीलिए सरकार ने वार्ताकारों के एक समूह की नियुक्ति की है।"" कश्मीर मामले के अलावा सोनिया ने कहा कि अयोध्या विवाद पर इलाहाबाद उच्चा न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ का फैसला छह दिसम्बर, 1992 को बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के कदम को माफ नहीं करता। उन्होंने कहा कि इस घटना को अंजाम देनेवालों को अवश्य ही सजा मिलनी चाहिए। आवश्यक वस्तुओं की उच्चा कीमतों पर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि खाद्यान्नों की कीमतों में कमी लाने की जरूरत है और इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकारों को उठानी चाहिए। उन्होंने कहा, ""महंगाई की दर मे कमी लाना एक चुनौती है। इसमें कमी आई है लेकिन आगे इसमें और कमी लाने की जरूरत है।"" विभिन्न राज्यों में विपक्षी दलों की सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि महंगाई को नियंत्रण में लाने के लिए केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारें भी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है कि जन वितरण प्रणाली ठीक तरीके से चले और जमाखोरों के खिलाफ क़डी कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे राज्य सरकारों पर दबाव बनाएं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी गठबंधन की राजनीति का पूरा सम्मान करती है लेकिन इसके साथ वह अपने "राजनीतिक दायरे" को बढ़ाने का प्रयास भी जारी रखेगी। सोनिया ने कहा कि कांग्रेस को अगले दो वर्षो में 10 विधानसभा चुनावों में जाना है और इनमें पार्टी की जीत के लिए सभी को समर्पण व एकता के साथ मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा, ""हमारी पार्टी कुछ राज्यों में गठबंधन सरकार चला रही है। हम गठबंधन का सम्मान करते हैं लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि हम अपनी ताकत बढ़ाने का प्रयास नहीं करेंगे या फिर अपने राजनीतिक दायरे को छो़ड देंगे।"" पार्टी कार्यकर्ताओं से जनकल्याण के कार्यो में निरंतर लगे रहने का आ±वान करते हुए सोनिया ने कहा कि कांग्रेस को वोटिंग मशीन की तरह नहीं होना चाहिए कि चुनाव के वक्त ही सक्रिय नजर आएं। इस सबके बीच देश की सबसे ताकतवर राजनीतिज्ञ सोनिया ने स्वीकार किया कि पार्टी की कार्यसमिति का गठन करना आसान काम नहीं है। कार्यसमिति के गठन के लिए हुई एआईसीसी की इस एक दिवसीय बैठक को सम्बोधित करते हुए सोनिया ने कहा, ""कार्यसमिति का गठन आसान काम नहीं है, जैसा कि लगता है। वास्तव में यह बहुत कठिन है।"" उन्होंने कहा, ""गठन के बाद अक्सर इस प्रकार की शिकायतें सुनने को मिलती हैं कि मुझे नहीं बनाया गया और फलां को बना दिया गया।"" कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने कहा कि गरीबों का सशक्तिकरण देश को आगे ले जाएगा और उनकी पार्टी अमीरों और गरीबों को जो़डने का काम करेगी। राहुल ने कहा, ""देश में आज दो तरह के लोग रह रहे हैं। एक वर्ग ऎसा है जो तेजी से विकास कर आगे बढ़ रहा है और दूसरा वह जो विकास की दौ़ड में पीछे छूट गया है। कांग्रेस का ध्यान दोनों तबकों को जो़डने पर होना चाहिए।"" कांग्रेस का पूर्ण अधिवेशन इसी वर्ष 18 से 20 दिसम्बर के बीच होगा। पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने यह जानकारी दी। बैठक के बाद द्विवेदी ने पूर्ण अधिवेशन के संदर्भ में यह ऎलान किया।  

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