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एनआरएचएम घोटाला : यूपी के साथ बिहार तक पहुंची आंच

एनआरएचएम घोटाला : यूपी के साथ बिहार तक पहुंची आंच

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लगभग 5000 करोड रूपये के राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने शनिवार को उत्तर प्रदेश एवं बिहार के 12 शहरों में एक साथ छापे मारे। सीबीआई की टीम ने शनिवार सुबह लखनऊ में तीन सीएमओ के ठिकानों पर छापा मारा और वहां से महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों एवं कम्प्यूटर हार्ड डिस्क को कब्जे में ले लिया। लखनऊ के अलावा सीबीआई की टीमों ने 12 शहरों में 23 ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें मेरठ, गाजियाबाद, कानपुर, वाराणसी, और गोरखपुर शामिल हैं। सीबीआई ने सीएमओ एवं डिप्टी सीएमओ के घरों पर भी छापेमारी की।

बिहार में राजधानी पटना सहित तीन जगहों पर छापे मारे और वहां से दस्तावेज एवं कम्प्यूटर की हार्डडिस्क को अपने कब्जे में ले लिया। गौरतलब है कि सीबीआई ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में करीब 30 जगहों पर छापेमारी कर चार नई प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

एनआरएचएम घोटाले में सीबीआई अब तक 12 प्राथमिकी दर्ज करा चुकी है। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन [एनआरएचएम] घोटाले में सीबीआइ की टीम ने शनिवार को बिहार सहित उत्तर प्रदेश के एक दर्जन से अधिक जिलों में दवा विक्रेताओं के यहां छापे मारे। छापे की कार्रवाई अभी जारी है। उधर, एनआरएचएम घोटाला में बलिया के पूर्व सीएमओ डॉक्टर के.एन.तिवारी के जवाहर नगर एक्स्टेंशन स्थित आवास पर सुबह सात बजे सीबीआई टीम ने छापा मारा। टीम के धमकते ही वहां अफरातफरी मच गई। हडबडी में डॉ. तिवारी अपने घर की दीवार फांदकर पडोसी के यहां कूद गए और वहां से बाहर निकल गए। अंतत: उनका पीछा कर रही सीबीआई टीम ने उन्हें दबोच लिया। उनसे पूछताछ की जा रही है।

सीबीआई सूत्रों के अनुसार पटना में एक बडे दवा विक्रेता के यहां तथा लखनऊ में तीन सीएमओ के ठिकानों पर छापा मारा गया। वाराणसी, मेरठ, गाजियाबाद में भी छापेमारी की गई है। इस कार्रवाई में दवा विक्रेताओं तथा कई सीएमओ के यहां से दवा एवं उपकरणों की खरीद से जुडे महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों एवं कम्प्यूटर हार्ड डिस्क को सीबीआई अफसरों ने कब्जे में ले लिया।

इससे पूर्व शुक्रवार को सीबीआई ने राज्य के पांच जिलों में 35 स्थानों पर छापे मारे थे। लखनऊ में 25 ठिकानों पर सीबीआई ने तलाशी ली थी। इस कार्रवाई में सीबीआई को बगैर आपूर्ति दस्तावेजों के बेची गई करीब 22 करोड रूपये की दवाओं के सबूत हाथ लगे थे।


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